Kabir Ke Dohe — Bura Jo Dekhan Main Chala
Shri Ram

बुरा जो देखन मैं चला

Kabir Ke Dohe — Bura Jo Dekhan Main Chala

गायक
संगीतकार
गीतकार
Sant Kabir Das
भाषा
Hindi
Kabir Shri Ram

संत कबीरदास के प्रसिद्ध दोहे, जो आत्मचिंतन और सत्य की खोज पर आधारित हैं। यह पंद्रहवीं शताब्दी की रचना है।

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥ चलती चाकी देख कर, दिया कबीरा रोय। दो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोय॥ माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोहि। एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोहि॥

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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