Ram Mere Ghar Aana (Chitrakoot Ke Ghat Par)
Shri Ram

राम मेरे घर आना (चित्रकूट के घाट पर)

Ram Mere Ghar Aana (Chitrakoot Ke Ghat Par)

गायक
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संगीतकार
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गीतकार
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भाषा
Hindi
Ram Shri Ram

भीलनी शबरी के भाव से भगवान राम को अपने घर आने का निमंत्रण देता पारंपरिक भजन।

चित्रकूट के घाट-घाट पर, भीलनी जोवे बाट, राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना। आसन नहीं है रामा, कहां मैं बिठाऊं? नीम पड़ी है खट-खट, तात राम मेरे घर आना। चित्रकूट के घाट-घाट पर, भीलनी जोवे बाट, राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना। भोजन नहीं है रामा, क्या मैं चढ़ाऊं? सूखे पड़े हैं पेड़, फल लगे कूड़े के ढेर, राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना। झूला नहीं है रामा, क्या मैं झुलाऊं? हरे-भरे पेड़ पर, झूल सीता राम, राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना। पानी नहीं है रामा, क्या मैं पिलाऊं? नदी पड़ी है दूर, भीलनी मजबूर, राम मेरे घर आना, राम मेरे घर आना।

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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