Shri Ram
आज सतगुरु आविया
Aaj Satguru Aaviya
Rajasthani Bhajan
Shri Ram
सतगुरु के आगमन की खुशी में गाया जाने वाला पारंपरिक भजन।
आज सतगुरु आवता मारो हरियो वेगो बाग रे।
प्याला पाया प्रेम रा, प्यास गई सभी भाग रे,
आज सतगुरु आविया रे।
सखी डाली कपड़ टूटी पहला बैठता काग रे,
मोर बोले सुता मोए खेले नाग रे,
आज सतगुरु आविया रे।
माला फेरो मोकली मे तो मन राधा गरे,
फूला अंतर उतरे कोई गांधी गया जाग रे,
आज सतगुरु आविया रे।
मेवा उतरे मोखड़ा लेवे जार भाग रे,
शीश काटने दे गया और रो नहीं भाग रे,
आज सतगुरु आविया रे।
गुरु मिलिया भाग जागा पुर बला भाग रे,
फूल दास री विनती भवजल की जो पार रे,
आज सतगुरु आवता मारो हरियो वेगो बाग रे।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।