Shri Ram
भूल गयो रे सांवरिया
Bhool Gayo Re Sanwariya
Rajasthani Bhajan
Shri Ram
मनुष्य जन्म और आत्मा के भूल जाने की व्यथा पर आधारित पारंपरिक भजन।
भूल गयो रे सांवरिया, गर्भ की बात, अब क्यों भूल गया रे।
नव दस मास गर्भ में भाई, अब तू दुनिया में आकर भूल गया सांवरिया।
घड़ी-घड़ी के साथ, तू तो भूल गयो है,
अजगर पड़ी, तू तो भूल गयो है सांवरिया।
भूल गयो रे सांवरिया।
शुभ वाले मोती, तू तो भूल गयो है भाई,
सतगुरु चरण में, तू तो आवे सांवरिया।
भूल गयो रे सांवरिया।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।