Shri Ram
मना थारी उमर जावे रे
Mana Thari Umar Jave Re
Rajasthani Bhajan
Shri Ram
बीतती उम्र और नश्वर संसार पर आधारित पारंपरिक भजन।
मना थारी उमर जावे रे, सूखा जल धारा, बीत गया दिन सारा।
मना थारी उमर जावे रे।
मात-पिता सुख-समृद्धि, सब छूट जावे,
खड़ी कमाई, सब रह जासी।
मना थारी उमर जावे रे।
माया री बेनड़ी, सब छूट जासी,
रत्न पदार्थ, सब खो जासी।
मना थारी उमर जावे रे।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।