Manva Nithari
Shri Ram

मनवा निठारी

Manva Nithari

गायक
Moinuddin Manchala
संगीतकार
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गीतकार
Information unavailable
भाषा
Rajasthani
Rajasthani Bhajan Shri Ram

माया और मोह में उलझे मन को सचेत करने वाला पारंपरिक भजन।

मनवा निठारी, नहीं विचारी रे, थारी-मारी करता, उमर बीत जासी। नव दस मास गर्भ में माता, मनवा निठारी, माता थारी रे। बालपन में लाड लडाया, माता थारी रे, बड़ा भयो तो माया लागे, थारी रे। थारी-मारी करता, उमर बीत जासी। माया-माया करता, खर्चो फिरो, थोड़ी-थोड़ी माया, सब छूट जासी। थारी-मारी करता, उमर बीत जासी। गुरु मिलिया, सतगुरु मिलिया, सांवरिया ने भज ले, मनवा थारी रे। थारी-मारी करता, उमर बीत जासी।

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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