Baba Ramdev Ji
धीरे-धीरे पधारो (रुणिचा वाला)
Dheere-Dheere Padharo (Runicha Wala)
Rajasthani Bhajan
Baba Ramdev Ji
रुणिचा वाले बाबा रामदेव जी को धीरे-धीरे पधारने का निमंत्रण देता पारंपरिक भजन।
रामदेव पधारो, महारा पीर जी पधारो,
चौखट पे सर नया वारुणी छावड़ा, धीरे-धीरे पधारो।
तुम्हारा तुम्हारा पीर जी पधारो, पिछम धरासू,
मारा तिरछी पता, मेरी ऐसी सजा गली।
आरती, आरती, मारा पीर जी पधारो।
गंगा-जमुना सरस्वती, पावन जल ले आऊं,
बाबा थारी सेवा में, मैं पुष्प चढ़ाऊं।
धीरे-धीरे पधारो, मारा पीर जी पधारो।
धीरे की मिठाई बाबा, तड़का रे चूरमा,
ले ले लाल में, तूफान महान,
धीरे-धीरे पधारो, मारा पीर जी पधारो।
हरि शरण में हरजी बोले, नगरी नंदिनी गावे,
बाबा थारी महिमा, सब मिलके सुनावे।
धीरे-धीरे पधारो, मारा पीर जी पधारो।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।