Shri Ram
गुरु मिलिया आत्म राम
Guru Miliya Atma Ram
Rajasthani Bhajan
Shri Ram
गुरु से आत्म-ज्ञान प्राप्ति की अनुभूति व्यक्त करता पारंपरिक भजन।
गुरु मिलिया आत्म राम, मारी निर्मल हो गई काया रे, गुरु मिलिया आत्म राम।
मिलिया आत्म राम गुरु जी, मिलिया आत्म राम।
इंदर करे डकाई, पवन करे नर माई रे,
मारे हुआ गुरु रावा सारे, गुरु मिलिया आत्म राम।
सूरज चांद प्रवासा, मेरे तारे आकाशा वो,
आ कुदरत खेल रचायो रे, गुरु मिलिया आत्म राम।
मीठा राम जुग माई, हरि हरि से ध्यान लगाई वो,
मरा बेड़ा पार उतारो रे, गुरु मिलिया आत्म राम।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।