Baba Ramdev Ji
सायल म्हारी साम्भलो
Sayal Mhari Sambhalo
Rajasthani Bhajan
Baba Ramdev Ji
गढ़ रुणीचा के राजा बाबा रामदेव जी की स्तुति में गाया जाने वाला पारंपरिक राजस्थानी भजन।
सायल म्हारी साम्भलो, हे गढ़ रुणीचे राजा,
सायल म्हारी साम्भलो, ओ आवोनी अजमाल रा हे जी!
दूर रे देश रा बाबा, अरे सादुड़ा बोलावो,
दूर रे देश रा बाबा, अरे सादुड़ा बोलावो,
सादुड़ा रो नीत हो जी, म्हाने अजमाल रा,
सादुड़ा रो नीत हो जी, म्हाने अजमाल हे जी!
खीर ने खांड रा बाबा, अरे अमृत भोजन,
खीर ने खांड रा बाबा, अरे अमृत भोजन,
खीर रो नीत हो जी, म्हाने अजमाल रा,
खीर रो नीत हो जी, म्हाने अजमाल हे जी!
हिंगलू पायो रो बाबा, अरे ढोलियो ढळावो,
हिंगलू पायो रो बाबा, अरे ढोलियो ढळावो,
पंखो रो वार हो डोळावो, म्हारा अजमाल रा,
पंखो रो वार हो डोळावो, म्हारा अजमाल हे जी!
हरि रे चरणो में भाटी, अरे हरजी बोले,
हरि रे चरणो में भाटी, अरे हरजी बोले,
नित बीरद हो बधावो, अजमाल रा,
नित बीरद हो बधावो, अजमाल रा हे जी!
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।